मुक्केबाज़ी
तराज़ू पर तय होता भविष्य: पेरिस की खाली वापसी के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी की चुपचाप बदलती सूचीसुबह छह बजकर चालीस मिनट। पटियाला के एनआईएस हॉल के बाहर गलियारे में प्लास्टिक ...
विजेंदर सिंह का आत्मविश्वास: 'मैं पेरिस ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतूंगा'जब मैंने पहली बार विजेंदर सिंह को रिंग में देखा था, तब 2026 का बीजिंग ओलंपिक ...
तेरह भार वर्ग, छह कोटा, शून्य तमगा: भारतीय मुक्केबाज़ी का लेजर ऑडिटअगस्त 2026, पेरिस। रोलां गैरो के बाहरी कोर्ट पर फ्लडलाइट तेज़ थी और स्कोरकार्...
तेरह से बारह: लॉस एंजिल्स का वह एक कॉलम जिसमें किसी मुक्केबाज़ का करियर बंद होगापेरिस की बाउट शीट आज भी उसी ड्रॉअर में रखी है जहाँ सरूरनगर की शीटें रखी हैं।...
क्वालिफायर का कैलेंडर खाली, कैंप भरा हुआ: भारतीय मुक्केबाज़ी की कागज़ी रस्साकशीपेरिस के मुक्केबाज़ी वेन्यू में वेट-इन रूम की दीवार पर चिपका भार वर्गों का...
छठा खिताब संख्या नहीं, लोड हिस्ट्री है: 48 किलो, अम्मान और मुक्केबाज़ी का वह कैलेंडर जो स्कोरकार्ड कभी नहीं दिखातानवंबर 24, 2026। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एरिना में केडी जाधव हॉल। 48 किलो...
वज़न वर्ग की रस्सी: जहाँ भारतीय मुक्केबाज़ का करियर कागज़ पर तय होता हैहर ट्रायल की सुबह वही दृश्य लौटता है। हॉल के एक कोने में वज़न-काँटा रखा होता...
पटियाला का सन्नाटा: जहां भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लय बनती हैजनवरी 2026 की एक शाम, पटियाला के साई निस परिसर में। बाहर सर्दी का कोहरा छाया...
शून्य का फ़ाइल: पेरिस 2026 के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का बही-खातापेरिस से लौटते वक़्त मेरे लैपटॉप में छह बाउट के स्कोरकार्ड थे। छह भारतीय...
किलो, कट और काग़ज़: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई रिंग के बाहर लड़ी जा रही हैकिलो, कट और काग़ज़: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई रिंग के बाहर लड़ी जा रही...
